‘बेगूसराय- most awaited लड़ाई, इसका मुझे बेसब्री से इंतजार है।’
दिल्ली ईस्ट–आतिशी को बधाई, और गौतम् गम्भीर को सांत्वना


कल रात ब्रह्मा जी आये रहे सपने में।
पूछे कि, 23 तारीख बस आने ही आना वाला है अब तो बता दो कि किसको जीता रहे हो? खोलो अपना पिटारा–
मैंने कहा- प्रभु, अभी तो पानी मे हूँ, रात भर की मोहलत दे दीजिये, अपने रिसर्च रूपी घोड़े अभी दौड़ाता हूं, सुबह जमीन पर पहुंचते ही बता दूंगा।
सुबह नींद बस खुलने हीं वाली थी कि, ब्रह्मा जी फिर आये और बोले कि, थोड़ी देर और सो लो वर्ना सपना कैसे बनेगा और अब बताओ–आखिरकर मुझे बताना हीं पड़ा ।
“प्रभु, स्वर्ग में आप और पृथ्वी पर ‘नरेंद्र मोदी’ इसके अलावा तीसरा कौन हो सकता है।”
सुनना भर था कि, ब्रह्मा जी बोले–“लो, तुमने तो एक लाइन में सारा सस्पेंस खोल दिया। पब्लिक बहुत होशियार है सब समझ गयी होगी अबतक”
मैंने कहा- “हाँ, बिल्कुल! पब्लिक ज्यादा समझदार है इसीलिए तो आगे की गणित भी समझेगी और थोड़ा मुझे भी जानेगी,आप सब्र तो कीजिये”
फिर मैंने पूरी गणित को मुख्यतः तीन भागों में बांटा–
पहला– 2014 से पहले VS 2019 एक चुनावी आंकलन।
दूसरा– देश के प्रमुख राज्यों में विभिन्न पार्टियों का प्रदर्शन।
और तीसरा– कांटे की टक्कर वाली हॉट सीट्स और वर्तमान राजनीतिक पुरोधाओं की सतही स्थिति।

चरण एक:

  1. बीजेपी 1996 में–161सीट
  2. बीजेपी 1998-99 में–182 सीट
  3. बीजेपी 2004 में–138 सीट
  4. बीजेपी 2009 में–116 सीट
  5. बीजेपी 2014 में–282 सीट
    अब
  6. कांग्रेस 1996 में– 140
  7. कांग्रेस 1898-99 में–114
  8. कांग्रेस 2004 में–145 (बस 7 ज्यादा बीजेपी से,फिर भी सरकार बना ली)
  9. कांग्रेस 2009 में–206
  10. कांग्रेस 2014 में –44

अब 2014 पर आते हैं,
बीजेपी के लिए>>कुल बदलाव सीट्स में 2009 के अपेक्षा=> 282- 116= 166 सीट
कांग्रेस के लिए>> कुल बदलाव पिछले चुनाव की सीट्स और 2014 में-
206-44= सीधा 152 कम

मतलब ‘कांग्रेस के 152 हार्डकोर सीट्स तो गई हैं साथ ही साथ अन्य 14 सीटे भी बीजेपी ने थाम ली’।
औऱ इसके दो मुख्य कारण थे–
पहला, मोदी के व्यक्तित्व का लहर और गुजरात के विकास का उदाहरण
दूसरा, कांग्रेस के खिलाफ anti-incumbency UPA-II में हुए घोटालो के कारण।

चरण दो:मुख्य राज्यों में स्थिति

  1. बिहार- (कुल सीट 40), भाजपा-14, लोजपा- 3, RLSP- 1 , राजद- 6, जद (यू )-13,कांग्रेस- 2, अन्य- 1
  2. यूपी-(कुल 80) एनडीए -29, यूपीए-4, महागठबंधन-45, अन्य-2
  3. महाराष्ट्र-(कुल 48) एनडीए-21, यूपीए-17,अन्य-10
  4. पंजाब-(कुल 13) एनडीए-10, यूपीए-3
  5. दिल्ली-(कुल 7) एनडीए-5, आप-2( +_1), कांग्रेस-1(+_1)
  6. गुजरात-(कुल 26) एनडीए 19, यूपीए-7
  7. बंगाल-(कुल 42) एनडीए 8, TMC 34 (+_1 अन्य)
  8. जम्मू-कश्मीर-(कुल 6) एनडीए 2, पीडीपी-1, NC-3
  9. तमिलनाडु (कुल सीट 39)-DMK 16, AIDMK-10(+_2),बीजेपी-2(+_1), कांग्रेस-5(+_2), PMK-2, अन्य:3-4
  10. केरल(कुल20)-UDF 16, LDF-4
  11. मध्यप्रदेश(कुल 29) एनडीए-15,यूपीए-14
  12. राजस्थान(कुल 25) एनडीए-14, यूपीए-11

चरण तीन: मुख्य टक्कर

  1. बेगूसराय- most awaited लड़ाई, इसका मुझे बेसब्री से इंतजार है, कुछ कह नही सकता।
  2. ईस्ट दिल्ली- ‘अतिशी’ जी AAP वाली, गौतम गंभीर को हराएँगी (शायद) पर यह भी देखने वाला होगा
  3. बनारस- मोदीजी नया रिकॉर्ड गढ़ेंगे, पर अपना ‘अजय राय’ भी बधाई के पात्र हैं।
  4. आजमगढ़- ‘अखिलेश और निरहुआ’ , रिक्शा और साइकिल में शायद साइकिल भारी पड़ेगा।
  5. पटना साहिब- ‘श्री रविशंकर प्रसाद’ बहुत आसानी से ‘शत्रुध्न सिन्हा’ को हराएंगे।
  6. ग़ाज़ीपुर- ‘सिन्हा जी, रिकॉर्ड वोट से जीत रहे हैं।
  7. अमेठी- राहुल जी के लिए दुख है, कठिन टक्कर देंगी ईरानी।
  8. तिरुवनन्तपुरम- शशि थरूर पाकिस्तान जाएंगे😝
  9. मुम्बई नार्थवेस्ट- संजय निरुपम अपने vulgar कमैंट्स के चलते ही हारेंगे।
  10. आसनसोल- ‘बाबुल सुप्रियो’ पक्का हैं।

बिहार-यूपी/गंगेटिक प्लेट पर एक नजर:
बिहार यूपी जो राष्ट्र की राजनीति के निर्धारक हैं और मेरे अपने राज्य, उनपर चर्चा जरूरी है, क्योंकि ये दोनों मिलकर अकेले120 सीट्स(मेजोरिटी के आधा का आधा अमूमन) का वजन लिए हैं।
अगर बीजेपी —
बिहार में- ‘अपर कास्ट, नॉन यादव obc, और दलितों का वोट लुभाने में सफल रहती है और
यूपी में- नॉन यादव ओबीसी, नॉन जाटव दलित, और ब्राह्मण का वोट लुभाने में सफल रहती है तो महागठबंधन के खेला समाप्त है, चाहे 90% मुस्लिम उन्हें ही वोट क्यों न कर दे।

मतलब–
सबका सार यही है कि, मोदी जी
278-310 केआसपास सीटें पाकर सरकार बनाने जा रहे हैैं
और
कांग्रेस मात्र 70 (+_9) पर सिमट जाएगी।
यही तो है 2019 का रिजल्ट।

इतना सब सुनने के बाद ब्रह्मा जी ने कहा, ‘बाकी सब तो ठीक है वैसे अगले साल के बिहार इलेक्शन की क्या प्लानिंग है!?
मैं उनको समझ नही पाया, बस इतना ही कहा कि, “नीतीश जी प्रधानमंत्री बनने में मशगूल हैं और तेजस्वी जो अपने भाई को नही सम्भाल पा रहे वो बिहार को क्या सम्भालेंगे, तो बचा एक ऑप्शन ‘पप्पू यादव’।
बातचीत चलाये है–उन्ही के लिए हम कैम्पेनिंग करेंगे आगामी चुनाव में।
‘अच्छा, वो अपने ‘मिशन राजतिलक’ वाले Unique Campaigning Concepts और ‘बिहार:भूत, वर्तमान, और भविष्य की सम्भवनायें एक अध्ययन’ वाले शोधपत्र के अनुरूप!?
मैंने कहा, “हां महानुभाव आप तो सर्वज्ञ हैं।”
इतना बताकर मैंने प्रभु से आग्रह किया कि, दर्शन तो दे दिए अब थोड़ा स्वर्ग भी दिख देते तो बडी कृपा होती।
पर उन्होंने तथास्तु के साथ अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि –“जिताओ उन्हें और फिर मैं तुमको न केवल स्वर्ग अपितु , इंद्रलोक की उर्वशी और मेनका भी दिखाऊंगा, वीडियो कॉल करके।”
और फिर-वो अंतर्ध्यान हो गए……शायद समझ गए थे,कि लड़का अब कुछ ज्यादा ही होशियार बन सकता है। 😝😋

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