धर्मनिरपेक्षता: संविधान शोषितों, क्या तुम इसे मूल रूप में स्वीकार करोगे?

धर्मनिरपेक्षता: संविधान शोषितों, क्या तुम इसे मूल रूप में स्वीकार करोगे?

बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर ने कहा था ‘ ‘समान नागरिक कानून के बिना संविधान में सेक्युलर (धर्मनिरपेक्ष) और सोशलिज्म (समाजवाद) शब्द जोड़ा जाना संविधान के मूल भावना की हत्या होगी ‘ एक शब्द है – सेक्युलर जिसे भारत के प्रस्तावना में 1975 में 42 वां...